सड़क काटी, मरम्मत भूले तो भरना पड़ेगा हर्जाना! कलेक्टर का सख्त एक्शन
तेलाई-मकरोहर मार्ग पर लापरवाही पर वसूली के निर्देश, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की जांच में दोषी एजेंसियों पर होगी कार्रवाई

सिंगरौली, 17 अगस्त। तेलाई-मकरोहर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने सख्त रुख अपनाया है। समय-सीमा की बैठक में उन्होंने बिना अनुमति सड़क काटकर सीवर या पाइपलाइन डालने और काम पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कॉन्ट्रैक्टर से क्षतिपूर्ति राशि वसूलने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने एमपीआरडीसी को क्षतिग्रस्त सड़क का *तत्काल निर्माण एवं मरम्मत कार्य पूरा करने* को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सड़क पर पाइपलाइन डालने से पहले संबंधित निर्माण एजेंसी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
घटिया निर्माण मिला तो होगी कार्रवाई
अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की जांच कराने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के साथ आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों को बारिश से क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं की लगातार निगरानी करने और आमजन के सुरक्षित आवागमन के लिए जरूरी कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के सर्वे, राशन वितरण, जन विश्वास अभियान, एनसीएल गोरबी विस्थापन प्रक्रिया, सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही और जनसमस्याओं के निराकरण में ढिलाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी।














