चितरंगी में शराब का साम्राज्य: आबकारी और पुलिस की मिलीभगत से फलता-फूलता अवैध पैकारी नेटवर्क

By लाले विश्वकर्मा
सिंगरौली। सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। हालात यह हैं कि पूरा क्षेत्र अब अवैध अंग्रेजी और देशी शराब की पैकारी का गढ़ बन चुका है। सूत्रों के अनुसार यह अवैध कारोबार पुलिस और आबकारी विभाग की कथित मिलीभगत से खुलेआम फल-फूल रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश से हो रही शराब की भारी आपूर्ति
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश से बड़ी मात्रा में अवैध शराब की खेपें चितरंगी ब्लॉक में पहुंचाई जा रही हैं। सीमावर्ती इलाकों का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से शराब गांव-गांव, टोला और बस्तियों तक पहुंचाई जा रही है। आश्चर्य की बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क पर न तो किसी प्रकार की रोक-टोक है और न ही प्रभावी छापेमारी देखने को मिल रही है।
हर गांव में अवैध ठिकाने, प्रशासन मौन
चितरंगी क्षेत्र के लगभग हर गांव में अवैध शराब की बिक्री खुलेआम की जा रही है। कई जगहों पर घरों को ही शराब की दुकानों में तब्दील कर दिया गया है। खासतौर पर युवाओं और मजदूर वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सामाजिक अपराध, घरेलू हिंसा और आर्थिक तबाही लगातार बढ़ रही है। शराब के कारण इलाके में अराजक माहौल बनता जा रहा है।
स्थानीय ठेकेदारों की बढ़ी कमाई
इस अवैध कारोबार का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय शराब ठेकेदारों को हो रहा है, जिनकी कमाई कई गुना बढ़ चुकी है। सूत्रों का कहना है कि बिना आबकारी विभाग की मौन सहमति के इस स्तर पर अवैध पैकारी संभव ही नहीं है। वैध शराब दुकानों की आड़ में अवैध शराब की बिक्री जोरों पर चल रही है।
पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल
पुलिस गश्त और आबकारी विभाग की नियमित कार्रवाई के दावों के बावजूद अवैध शराब की बिक्री में कोई कमी नहीं आई है। न तो किसी बड़े सरगना पर कार्रवाई हुई है और न ही नेटवर्क को तोड़ने के ठोस प्रयास नजर आ रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षण का स्पष्ट संकेत देती है।
राजस्व को हो रहा भारी नुकसान
अवैध शराब के इस कारोबार से सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिस धन से स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्य होने चाहिए थे, वही पैसा शराब माफिया की जेब में जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
जनता का सवाल—कब टूटेगा यह गठजोड़?
चितरंगी क्षेत्र की जनता सवाल उठा रही है कि क्या जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस अवैध धंधे से अनजान हैं या फिर सब कुछ जानते हुए भी इसे अनदेखा किया जा रहा है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अवैध शराब माफिया पूरे क्षेत्र को सामाजिक अराजकता की आग में झोंक सकता है।
अब प्रशासन की भूमिका अहम
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाता है। क्या चितरंगी क्षेत्र में अवैध शराब के इस साम्राज्य पर लगाम लगेगी या फिर यह धंधा यूं ही फलता-फूलता रहेगा। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।















