सीएम मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना को खुली चुनौती कोयला माफिया बृजेंद्र उर्फ पोले का ‘JCB आतंक’, ट्रेलर भर-भरकर सीधे बहरी पहुंच रहा काला कोयला, सिस्टम बेखबर या बेबस?
जिले में अवैध कोयला कारोबार अब खौफनाक और बेलगाम रूप ले चुका है।

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सिंगरौली। जिले में अवैध कोयला कारोबार अब खौफनाक और बेलगाम रूप ले चुका है। चर्चित कोयला माफिया बृजेंद्र उर्फ पोले खुलेआम प्रशासन को चुनौती देते हुए पूरे जिले में अपना काला साम्राज्य चला रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि अब ट्रेलर गाड़ियों में भर-भरकर कोयला सीधे बहरी तक पहुंचाया जा रहा हैऔर जिम्मेदार विभाग खामोश बैठे हैं।
खुलेआम “सीधे बहरी सप्लाई” लाखों का रोज खेल
सूत्रों के अनुसार, कोयला माफिया बृजेंद्र उर्फ पोले का नेटवर्क इस कदर मजबूत हो चुका है कि अब चोरी नहीं, बल्कि खुलेआम ट्रेलरों में कोयला लोड कर बहरी भेजा जा रहा है। रोजाना लाखों रुपए का अवैध कारोबार बिना किसी डर के संचालित हो रहा है।
माफिया का खुला ऐलान जहां छापना है छाप दो!”
जब इस काले कारोबार की तस्वीरें ली गईं और विरोध किया गया, तो बृजेंद्र उर्फ पोले ने खुलेआम कहा स्लिप ले लो, फोटो खींच लो… जहां छापना है छाप दो, कुछ नहीं होने वाला!”
यह बयान साफ बताता है कि कानून का खौफ खत्म हो चुका है।
JCB से खुली लोडिंग जो करना है कर लो!”
कोयला माफिया बृजेंद्र उर्फ पोले खुद दावा कर रहा है कि उसने नई JCB मशीन लाई है और उसी से खुलेआम कोयले की लोडिंग करवा रहा है।
उसका साफ कहना है हमारी मशीन खुली चल रही है, जो करना है कर लो यह सीधा-सीधा सिस्टम को खुली चुनौती है।
पुलिस और माइनिंग विभाग पर उठते सवाल
सबसे बड़ा सवाल क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं?
क्या माइनिंग विभाग आंखें मूंदे बैठा है?
या फिर किसी बड़े संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है?
जब मीडिया ने जिले के माइनिंग अधिकारी से बात की, तो उन्होंने आश्वासन दिया जल्द कार्रवाई की जाएगी लेकिन अब जनता पूछ रही हैआखिर कब भोपाल तक गूंज अब क्या टूटेगा काला साम्राज्य?
इस पूरे मामले की जानकारी सीधे सीएम मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना तक पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, अब प्रदेश स्तर से सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
सिंगरौली पर काले कारोबार का खतरा
एक तरफ सरकार सख्ती के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर बृजेंद्र उर्फ पोले जैसे माफिया खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सिंगरौली पूरी तरह इस काले कारोबार की गिरफ्त में आ सकता है।
















