SINGRAULI NEWS:चितरंगी में वर्दी का आतंक खुले निर्देशों को ठेंगा दिखाकर थाना प्रभारी चला रहे ‘वसूली राज’
2 लाख की डिमांड, थाने में मारपीट और पैसों के बाद रिहाईपुराने दागी नाम फिर एक्टिव, सिस्टम पर बड़े सवाल

गूंज सिंगरौली की पत्रिका कार्यालय
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र से सामने आया मामला अब सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल बन चुका है। ऊपर से सख्त कानून व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ थाना प्रभारी इन निर्देशों को खुली चुनौती देकर अपना अलग ही ‘वसूली तंत्र’ चला रहे हैं।
कानून नहीं, चल रहा है वसूली का खेल
बताया जा रहा है कि 31 मार्च 2026 को ग्राम खैरा निवासी अशोक जायसवाल को अवैध महुआ शराब (करीब 3 लीटर) के मामले में उठाया गया लेकिन आरोप है कि कार्रवाई से पहले ही पुलिस ने सीधे 2 लाख रुपये की मांग रख दी रकम नहीं मिलने पर युवक को थाने में ले जाकर मारपीट की गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पैसे दो, तभी आज़ादी मिलेगी
परिजनों के अनुसार, दबाव में आकर 80 हजार रुपये नकद 16 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जिसके बाद ही युवक को छोड़ा गया इस पूरे घटनाक्रम का उल्लेख अब लिखित आवेदन में किया गया है।
पुराने खिलाड़ी फिर मैदान में?
मामले ने तब और तूल पकड़ा जब लोगों ने इसे पुराने लेन-देन कांड से जोड़ना शुरू किया सुदेश तिवारी, जो पहले भी वसूली के मामले में सस्पेंड हो चुके हैं, उनका नाम एक बार फिर चर्चाओं में है।
जनता का गुस्सा फूटा—“थाने बन गए वसूली केंद्र!”
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
लोग खुलकर कह रहे हैं यह कानून व्यवस्था नहीं, खुला वसूली सिस्टम है निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर थानों में मनमानी हो रही है!”
बड़े सवाल, जवाब कौन देगा
क्या थाना प्रभारी खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं क्या सख्त निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं और कब रुकेगा यह वसूली और दबाव का खेल?
अंतिम वार वर्दी की आड़ में बेलगाम खेल!”
चितरंगी का यह मामला एक चेतावनी है अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कानून पर से भरोसा और कमजोर होगा अब जरूरत है सख्त कदम की… वरना ‘वसूली राज’ यूं ही चलता रहेगा
















