SINGRAULI NEWS:जयंत के रोज गार्डन में ‘एंट्री के नाम पर उगाही’! ₹20 की टिकट से आम जनता की जेब पर वार, बिना आदेश चल रहा वसूली का खेल
सेंट्रल पार्क (रोज गार्डन) में इन दिनों आम जनता से एंट्री फीस के नाम पर खुलेआम वसूली किए

गूंज सिंगरौली की पत्रिका कार्यालय बरगवां
सिंगरौली (जयंत)। जिले के जयंत क्षेत्र स्थित सेंट्रल पार्क (रोज गार्डन) में इन दिनों आम जनता से एंट्री फीस के नाम पर खुलेआम वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। पार्क के मुख्य गेट पर लोगों से ₹20 प्रति व्यक्ति के हिसाब से टिकट काटकर पैसे लिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी और आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गेट पर खड़ा एक व्यक्ति, जिसकी पहचान अनिल उपाध्याय के रूप में बताई जा रही है, लोगों से एंट्री फीस वसूल रहा है और टिकट भी दे रहा है। जबकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पार्क में पहले कभी भी एंट्री फीस नहीं ली जाती थी, लेकिन अब अचानक से टिकट के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं।
जब इस बारे में मौके पर पूछताछ की गई तो बताया गया कि यह वसूली किसी ठेकेदार के नाम पर की जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पार्क परिसर में कहीं भी नगर निगम का कोई आधिकारिक आदेश, सूचना बोर्ड या ठेके की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई है। ऐसे में पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया है।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं क्या नगर पालिक निगम सिंगरौली ने रोज गार्डन में एंट्री फीस लगाने का कोई आधिकारिक आदेश जारी किया है? यदि आदेश जारी हुआ है तो यह ठेका किस व्यक्ति या संस्था को दिया गया और उसकी अवधि क्या है?अगर ऐसा कोई आदेश नहीं है तो फिर आम जनता से खुलेआम पैसे वसूले जाने की यह व्यवस्था किसके संरक्षण में चल रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बिना किसी वैधानिक आदेश के जनता से पैसे वसूले जा रहे हैं तो यह सीधा-सीधा अवैध वसूली का मामला बनता है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
मामले को लेकर लोगों ने जिला कलेक्टर सिंगरौली, नगर निगम आयुक्त और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि पार्क में एंट्री फीस लागू की गई है तो उसका स्पष्ट आदेश, नियम और शुल्क की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए, ताकि आम लोगों के साथ किसी प्रकार की मनमानी या उगाही न हो सके।
















