Singrauli News – गढ़वा में रेत माफियाओं का ‘जंगलराज’ कप्तान साहब! थाना प्रभारी पर गिरेगी गाज या यूं ही लुटती रहेगी सोन?
थाना प्रभारी तिवारी जी कथरी ओढ़कर घी पी रहे हैं और सोन नदी लुट रही है।”

गूंज सिंगरौली की पत्रिका कार्यालय बरगवां
सिंगरौली गढ़वा थाना क्षेत्र इस समय कानून नहीं, बल्कि रेत माफियाओं की हुकूमत में चलता नजर आ रहा है। सोन नदी का सीना दिन-रात चीरकर अवैध रेत खनन किया जा रहा है, और जिम्मेदार महकमा मानो गहरी नींद में डूबा हुआ है।
ग्रामीणों की जुबान पर एक ही तंज है
“थाना प्रभारी तिवारी जी कथरी ओढ़कर घी पी रहे हैं और सोन नदी लुट रही है।”
हालात इतने बेकाबू हैं कि कुड़ारी पुल से होकर ट्रैक्टर और हाइवा खुलेआम उत्तर प्रदेश की ओर रेत ढो रहे हैं।
न चेकिंग, न रोक-टोक—जैसे प्रशासन ने माफियाओं को खुली छूट दे रखी हो।
“कप्तान साहब! क्या गढ़वा थाना आपके नियंत्रण से बाहर?”
स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है कि जब पूरे जिले में अवैध खनन पर सख्ती की बात होती है, तो गढ़वा थाना क्षेत्र में यह खुला खेल क्यों चल रहा है?
क्या यहां कानून का कोई असर नहीं या फिर सब कुछ जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है?
सोन नदी पर संकट: विनाश की कगार पर प्रकृति
सोन नदी, जो इस क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है, आज अवैध खनन की मार से कराह रही है।जहाँ संरक्षण और संतुलन की जरूरत थी, वहाँ आज माफियाओं का साम्राज्य खड़ा हो चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की चुप्पी ही माफियाओं की ताकत बन गई है।
“बिना संरक्षण के इतना बड़ा खेल संभव नहीं”—यह सवाल अब हर चौपाल से उठ रहा है।
कार्यवाही या मौन? अब फैसला कप्तान के हाथ में
गढ़वा थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश के बीच अब मांग उठने लगी है कि तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब नजरें टिकी हैं कप्तान साहब पर
क्या वे इस ‘रेत साम्राज्य’ को ध्वस्त करेंगे, या फिर सोन नदी यूं ही लुटती रहेगी?
















