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SINGRAULI NEWS: सीएम साहब! यह कैसा निर्देश? खाकी के संरक्षण में फल फुल रहा नशे का कारोबार माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने नशा रेत कबाड़ माफियाओं को दिया खुला आशीर्वाद कुछ दिन पहले चला था “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान, लेकिन माड़ा थाना क्षेत्र में गांजा-हेरोइन, रेत और कबाड़ कारोबार को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल

प्रदेश में कुछ दिन पहले “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के माध्यम से नशे के खिलाफ सख्त संदेश दिया गया था।

सिंगरौली। प्रदेश में कुछ दिन पहले “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के माध्यम से नशे के खिलाफ सख्त संदेश दिया गया था। मुख्यमंत्री और पुलिस विभाग की ओर से भी नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश समय-समय पर दिए जाते रहे हैं। लेकिन सिंगरौली जिले के माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आ रही कथित चर्चाओं ने इन निर्देशों के जमीनी असर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि माड़ा थाना क्षेत्र में कथित रूप से गांजा, हेरोइन, अवैध रेत, कबाड़ और अन्य संदिग्ध कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलने की शिकायतें हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि शिकायतों में सच्चाई है तो यह बेहद गंभीर मामला है।

सीएम साहब! यह कैसा निर्देश—ऊपर से सख्ती, नीचे से कथित संरक्षण?

एक तरफ कुछ दिन पहले प्रदेश में “नशे से दूरी है जरूरी” का अभियान चलाकर नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी तरफ माड़ा थाना क्षेत्र को लेकर कथित नशे के कारोबार और अवैध गतिविधियों की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

सवाल यह है कि शासन के निर्देशों का पालन थाना स्तर पर कौन सुनिश्चित करेगा?

यदि माड़ा क्षेत्र में वास्तव में नशे का कारोबार चल रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं? और यदि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं तो पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने क्यों नहीं लाता?

पुरानी चर्चाएं भी सवालों के घेरे में

माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा को लेकर स्थानीय स्तर पर उनकी पुरानी सिंगरौली पोस्टिंग से जुड़ी चर्चाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। सूत्रों के हवाले से उनके निजी जीवन से जुड़े एक कथित प्रेम-प्रसंग की चर्चा भी की जाती है और यह कहा जाता है कि उनकी सिंगरौली में पोस्टिंग के दौरान इसको लेकर काफी बातें हुई थीं।

इन निजी चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका निजी जीवन खबर का आधार नहीं है। असल सवाल उनकी वर्तमान जिम्मेदारी और माड़ा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे आरोपों का है।

कोतवाली की कुर्सी पर नजर? पहले माड़ा के सवालों का जवाब जरूरी!

स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह भी चर्चा है कि शिवपूजन मिश्रा आगे कोतवाली की जिम्मेदारी पाने की तैयारी में हैं। यदि ऐसा है तो सवाल और गंभीर हो जाता है कि वर्तमान थाना क्षेत्र में उठ रहे कथित अवैध गतिविधियों के सवालों का जवाब कौन देगा?
क्या किसी अधिकारी को नई जिम्मेदारी देने से पहले उसके वर्तमान थाना क्षेत्र की कार्यप्रणाली और शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा नहीं होनी चाहिए?

गांजा से लेकर रेत-कबाड़ तक—कथित नेटवर्क पर उठे सवाल

माड़ा क्षेत्र में नशे और अन्य कथित अवैध कारोबार को लेकर उठ रही चर्चाओं ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस चाहे तो ऐसे कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई संभव है।

अब जरूरत है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं, संबंधित थाना क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा करें और यदि किसी भी स्तर पर संरक्षण, लापरवाही या मिलीभगत प्रमाणित होती है तो जिम्मेदारी तय करें।

सीएम साहब! सिंगरौली को कथित नशा नेटवर्क के भरोसे मत छोड़िए

कुछ दिन पहले “नशे से दूरी है जरूरी” का संदेश पूरे प्रदेश में दिया गया था। अब सिंगरौली के माड़ा क्षेत्र से उठ रहे सवाल उसी संदेश की वास्तविक परीक्षा हैं।

आरोप सही हैं तो कार्रवाई हो, आरोप गलत हैं तो जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो—लेकिन खामोशी अब सबसे बड़ा सवाल बनती जा रही है।

अब निगाहें मुख्यमंत्री, पुलिस मुख्यालय और सिंगरौली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं कि माड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े इन गंभीर सवालों पर क्या कदम उठाया जाता है।

शेष अगले अंक में

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लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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