एक डॉक्टर के भरोसे बरगवां PHC! इलाज के लिए 25-30 किलोमीटर दूर बैढ़न जाने को मजबूर मरीज
तत्काल पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती, शाम के समय चिकित्सक की उपलब्धता और अस्पताल में जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिंगरौली/बरगवां। दर्जनों गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र माना जाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगवां इन दिनों खुद ही बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का शिकार नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं है और मरीजों को इलाज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि PHC की स्वास्थ्य व्यवस्था एक ट्रेनिंग डॉक्टर के भरोसे चल रही है। शाम के समय नियमित डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहने की शिकायत भी सामने आ रही है। ऐसे में बरगवां और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाती।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि इलाज और दवाइयों के लिए ग्रामीणों को करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर बैढ़न जाना पड़ता है। गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए इतनी दूरी तय करना किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। सवाल उठ रहा है कि जब बरगवां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है, तो मरीजों को इलाज और दवा के लिए जिला मुख्यालय तक क्यों दौड़ना पड़ रहा है?
वहीं अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर भी पहले से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों की कमी और अन्य अव्यवस्थाओं ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से *तत्काल पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती, शाम के समय चिकित्सक की उपलब्धता और अस्पताल में जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराने* की मांग की है।
बड़ा सवाल
जब बरगवां PHC दर्जनों गांवों के लिए बनाया गया है, तो मरीजों को दवा के लिए 25-30 किलोमीटर दूर बैढ़न क्यों जाना पड़ रहा है? आखिर कब सुधरेगी बरगवां की स्वास्थ्य व्यवस्था…?















