मध्य प्रदेशसिंगरौली

Singrauli News – थाने की चारदीवारी में पांच दिन की कैद और बेरहम पिटाई का आरोप, गढ़वा थाना प्रभारी विवादों में घिरे

गढ़वा थाना प्रभारी विद्यावारिधि तिवारी एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं

By लाले विश्वकर्मा

सिंगरौली गढ़वा थाना प्रभारी विद्यावारिधि तिवारी एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं। इस बार उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक युवक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत देते हुए कहा है कि उसे चोरी के शक में 5 दिन तक थाने में कैद रखा गया और इस दौरान बेरहमी से मारपीट की गई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया

कि थाना प्रभारी गांव के दबंगों के इशारे पर कार्रवाई करते हैं और गरीबों को लगातार प्रताड़ित करते हैं। पीड़ित ने SP ऑफिस में गुहार लगाते हुए बताया कि उसका पूरा परिवार डरा हुआ है और थाना प्रभारी लगातार मानसिक दबाव बना रहे हैं।

कानून का खुलेआम उल्लंघन या पुलिसिया मनमानी?

भारतीय संविधान और आपराधिक प्रक्रिया संहिता के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के 24 घंटे से अधिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। लेकिन शिकायत में दावा किया गया है कि युवक को 5 दिन तक थाने में रखा गया, जो कि स्पष्ट रूप से अवैध और असंवैधानिक है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल मानवाधिकारों का गंभीर हनन है, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है।

CCTV फुटेज खोल सकता है सच्चाई की परतें

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार देश के हर थाने में CCTV कैमरे अनिवार्य हैं और फुटेज को सुरक्षित रखना जरूरी है। अगर गढ़वा थाने के CCTV फुटेज की निष्पक्ष जांच की जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि पीड़ित कितने दिन थाने में रहा और उसके साथ कैसा व्यवहार किया गया।

पहले से ही जांच के घेरे में हैं थाना प्रभारी

सूत्रों की मानें तो निरीक्षक विद्यावारिधि तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। रीवा में लोकायुक्त द्वारा पंजीकृत प्रकरण क्रमांक 20/2022 अभी लंबित है और उन्हें उसमें क्लीन चिट नहीं मिली है।बरगवां थाना में तैनाती के दौरान भी तत्कालीन एसपी निवेदिता गुप्ता ने लंबित विभागीय जांच का हवाला देते हुए उन्हें लाइन अटैच किया था। इसके बावजूद उन्हें गढ़वा थाने का प्रभार सौंप दिया गया, जो विभागीय नियमों पर सवाल उठाता है।

पुलिस प्रशासन का जवाब

चितरंगी एसडीओपी राहुल सिंह सैयाम ने बताया कि युवक पर सोने-चांदी की चोरी का आरोप है और पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार की जाएगी। गढ़वा थाना प्रभारी पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि कानून के रक्षक ही कानून की धज्जियां उड़ाएं, तो आम जनता के अधिकारों की रक्षा कौन करेगा? जरूरत है सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की।

GSK NEWS

लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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