मध्य प्रदेशसिंगरौली

रैक से जा रहा मिलावटी कोयला! उद्योगों पर संकट, रेलवे और सरकार तक पहुंची शिकायत गोरबी–महदईया में भस्सी माफिया बेलगाम, अब सीधे मुख्यमंत्री और कोयला मंत्री को भेजी गई पूरी रिपोर्ट

सूत्रों के मुताबिक, महदईया रेलवे साइडिंग से रैक के जरिए कोयला बाहर भेजा जा रहा है।

गूंज सिंगरौली की पत्रिका

सिंगरौली। ऊर्जा नगरी सिंगरौली में मिलावटी कोयले का काला खेल अब नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। गोरबी–महदईया क्षेत्र में कोयले में भस्सी मिलाने का अवैध कारोबार सिर्फ स्थानीय सप्लाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब रैक के माध्यम से बड़े उद्योगों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, महदईया रेलवे साइडिंग से रैक के जरिए कोयला बाहर भेजा जा रहा है। यदि उसमें भस्सी की मिक्सिंग की पुष्टि होती है, तो इससे उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान और मशीनरी को गंभीर क्षति हो सकती है। यह मामला सिर्फ राजस्व हानि नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़ा बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

त्रिमूला कंपनी की भस्सी, रेलवे साइडिंग में मिक्सिंग!

गोदवाली स्थित त्रिमूला कंपनी से भस्सी लाकर कोयले में मिलाने के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। निर्माण स्थल की आड़ में डंप की जा रही भस्सी को बाद में कोयले के साथ मिक्स कर बाजार में उतारा जा रहा है।

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि

महदईया रेलवे साइडिंग पर खुलेआम मिक्सिंग का खेल चल रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरणी नींद में लीन नजर आ रहे हैं।

रैक से बाहर जा रहा “मिलावटी माल”, उद्योगों पर मंडराया संकट

रैक के माध्यम से जब यह कोयला विभिन्न उद्योगों तक पहुंचता है, तो वहां गुणवत्ता में गिरावट के कारण उत्पादन प्रभावित हो सकता है। मशीनों में तकनीकी खराबी, बॉयलर डैमेज और ऊर्जा उत्पादन में कमी जैसे गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

अगर यह सिलसिला नहीं रुका, तो यह मामला सिर्फ स्थानीय स्तर का नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा औद्योगिक विवाद बन सकता है।

रेलवे विभाग और सरकार तक पहुंची शिकायत

इस पूरे मामले को लेकर गूंज सिंगरौली की पत्रिका ने खबर को प्राथमिकता देते हुए संबंधित दस्तावेजों और तथ्यों के साथ रेलवे विभाग को ईमेल भेजा है। साथ ही प्रदेश के मुखिया मोहन यादव और केंद्रीय कोयला मंत्री को भी ट्विटर और ईमेल के माध्यम से शिकायत प्रेषित की गई है।

पत्रिका की पहल के बाद अब भस्सी माफियाओं की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तर से जांच के संकेत मिल रहे हैं।

आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल?

स्थानीय जनता सवाल उठा रही है कि जब खुलेआम रैक के जरिए कोयला भेजा जा रहा है, तो क्या गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक सीमित है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर चुप हैं, या फिर इस नेटवर्क को किसी बड़े संरक्षण का आशीर्वाद प्राप्त है?

बड़ा खुलासा जल्द!

सूत्रों का दावा है कि इस काले कारोबार से जुड़े कुछ प्रभावशाली नाम जल्द सामने आ सकते हैं। यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो यह सिंगरौली का अब तक का सबसे बड़ा कोयला मिलावट घोटाला साबित हो सकता है।

शेष अगले अंक में…

GSK NEWS

लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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