मध्य प्रदेशसिंगरौली

महावीर कोल वॉशरी पर गंभीर आरोप, कार्यवाही नदारद सीएम साहब और डीजीपी के निर्देश बेअसर? गोरबी चौकी क्षेत्र में कोयला मिक्सिंग का खेल बेखौफ जारी

लेकिन ज़मीनी हकीकत इन निर्देशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है

By सोनू विश्वकर्मा

सिंगरौली। प्रदेश के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा अवैध गतिविधियों पर सख्त निर्देश और कार्यवाही के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इन निर्देशों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। सिंगरौली जिला के गोरबी चौकी क्षेत्र में संचालित महावीर कोल वॉशरी पर स्टीम कोयला और अन्य कोयले में मिक्सिंग कर बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्यवाही जमीन पर दिखाई नहीं दे रही।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कोल वॉशरी के नाम पर संचालित यह इकाई लंबे समय से स्टीम कोयले में निम्न गुणवत्ता वाला कोयला और भस्सी मिलाकर सप्लाई कर रही है। यह गतिविधि खुलेआम चलने की बात कही जा रही है, जिससे लाखों रुपये के अवैध लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद भी संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्यवाही अब तक सामने नहीं आई है।

सूत्र बताते हैं कि गोरबी चौकी को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद न तो जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया गया और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कानूनी कार्यवाही की गई। इससे चौकी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, जिले के कप्तान साहब तक यह मामला किस स्तर तक पहुंचा है, यह भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है, जो प्रशासनिक निगरानी की कमजोरी को उजागर करता है।

इलाके में यह चर्चा आम है कि जब भी महावीर कोल वॉशरी पर कार्यवाही की मांग उठती है, मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। ऐसे में आम नागरिकों के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर सीएम साहब और डीजीपी के निर्देश गोरबी चौकी क्षेत्र में क्यों प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं।

सूत्रों का यह भी दावा है कि इस वॉशरी को लेकर “ऊपर तक पकड़” जैसी बातें सामने आती रही हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि इन चर्चाओं में सच्चाई का अंश भी है, तो यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यवाही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—

जब आरोप इतने गंभीर हैं, तो जांच और कार्यवाही में देरी क्यों?
यदि आरोप निराधार हैं, तो जांच कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही?
और यदि आरोप सही हैं, तो अब तक दोषियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई?
जनहित में आवश्यक है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए और गोरबी चौकी क्षेत्र में चल रहे कथित कोयला मिक्सिंग के खेल पर तत्काल कार्यवाही हो, ताकि कानून का असर जमीन पर नजर आए और जनता का भरोसा कायम रह सके।
नोट: यह समाचार स्थानीय सूत्रों व क्षेत्रीय चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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