Singrauli News – सीवरेज लाइन में लापरवाही बनी जनता के लिए मुसीबत, निजी लाभ के लिए जिम्मेदार अधिकारी बने अनजान…?
सिंगरौली जिले के नगर पालिक निगम क्षेत्र में चल रहे सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य में भारी अनियमितताएं और लापरवाहियां उजागर हो रही हैं

By सोनू विश्वकर्मा
सिंगरौली जिले के नगर पालिक निगम क्षेत्र में चल रहे सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य में भारी अनियमितताएं और लापरवाहियां उजागर हो रही हैं। गनियारी स्टेट बैंक के समीप घटित एक ताजा घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना स्थल पर एक वाहन, सीवरेज लाइन की अधूरी और लापरवाही से की गई मरम्मत की वजह से गहरे गड्ढे में फंस गई-
बताया जा रहा है कि सीवरेज पाइपलाइन डालने के बाद जिस जगह खुदाई की गई थी, उसे पूरी तरह से सीमेंट-कंक्रीट से भरना था, ताकि सड़क की सतह पूर्ववत सुचारु हो सके। लेकिन निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार और अभियंताओं ने महज खानापूर्ति करते हुए सतही मरम्मत की, जो एक बड़े हादसे का कारण बन गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे काम में न केवल गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, बल्कि नियमों को भी खुलेआम ताक पर रखा गया है। नियमानुसार, ऐसे निर्माण कार्यों के दौरान और बाद में जब तक सड़क की मरम्मत पूरी न हो, तब तक बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेतक लगाना अनिवार्य होता है। लेकिन इस मामले में न तो कोई बैरिकेड नजर आया, न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था, जिससे न केवल गाड़ियों को नुकसान हुआ, बल्कि पैदल चलने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि
ठेकेदार और इंजीनियरों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाते हुए बताया कि “ठेकेदार इंजीनियरों को मिठाई के डिब्बे से लेकर सूटकेस तक भेंट कर रहे हैं। जब रिश्वत की मलाई बंटी हो, तो आम जनता की भलाई की उम्मीद बेमानी है हालांकि इन सभी बातों में कितनी सच्चाई है इसका तो जब जांच हो तो पूरी तरह से खुलासा हो सकता है..
इस घटनाक्रम को लेकर जनता में आक्रोश व्याप्त है
लोग मांग कर रहे हैं कि नगर निगम और जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। यह कोई पहली घटना नहीं है, जब सीवरेज लाइन के कार्य में लापरवाही उजागर हुई हो। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने सजगता नहीं दिखाई, तो आने वाले दिनों में यह लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है।
जनता का सवाल…
क्या प्रशासन अब भी चुप रहेगा या सख्त कदम उठाकर ऐसे भ्रष्ट तंत्र पर लगाम लगाएगा?















