ग्राम पंचायत बगदरा कला के सचिव पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप
आदिवासी सरपंच के साथ भेदभाव और शोषण का आरोप

ग्राम पंचायत बगदरा कला के सचिव पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप
सिंगरौली जिले के बगदरा कला (चितरंगी) तहसील के ग्राम पंचायत बगदरा कला के सचिव शिव बहादुर सिंह पर पंचायत कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ना तो कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं और ना ही किसी भी कार्य से संबंधित संतोषजनक जानकारी या उत्तर पदेते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सचिव की कार्यशैली पंचायत हित में नहीं है। वे कई बार सप्ताहभर तक कार्यालय नहीं आते और जनसुनवाई के दिन हर मंगलवार को भी कार्यालय बंद रहता है। ग्रामीणों और हितग्राहियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए किए गए फोन कॉल्स का जवाब तक नहीं दिया जाता है।
सचिव पर कमीशनखोरी के खुले आरोप
आरोप है कि सचिव शिवबहादुर सिंह द्वारा निर्माण कार्यों में 15वें वित्त आयोग की योजनाओं के तहत मिलने वाले बजट में 10% कमीशन की खुली मांग करते हैं। इतना ही नहीं, मस्टर रोल के भुगतान में भी 5% कमीशन की बात सामने आई है। एक पंचायत प्रतिनिधि के अनुसार, सचिव खुद कहते हैं – “मैं जहां भी रहा हूं, इतना तो लेता ही हूं, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। तुमसे जो होता है, कर लो।”
आदिवासी सरपंच के साथ भेदभाव और शोषण का आरोप
पंचायत की सरपंच, जो कि आदिवासी समुदाय से हैं, ने आरोप लगाया है कि सचिव द्वारा उनके साथ अपमानजनक और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। सरपंच का कहना है कि सचिव उनकी बात नहीं सुनते, उन्हें कार्यों से अंधेरे में रखते हैं और उनके अधिकारों का हनन करते हैं।
पूर्व में भी विवादों में रहे हैं सचिव
शिव बहादुर सिंह पहले भी बगदरा कला पंचायत में पदस्थ थे लेकिन वहां से विवाद के चलते उन्हें हटाया गया था। अब दोबारा उसी पंचायत में उनकी तैनाती पर सवाल उठ रहे हैं।
आवास सर्वे में अनियमितताएं….
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किए गए सर्वे में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव ने रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे की मांग की थी और सर्वे का कार्य सही तरीके से नहीं किया गया। बाद में, चितरंगी पंचायत के सचिव अमरजीत सिंह द्वारा दोबारा सर्वे कर पात्र हितग्राहियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की मांग है कि:
सचिव शिव बहादुर सिंह के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। पंचायत में नियमित और ईमानदार सचिव की नियुक्ति हो।
आदिवासी सरपंच और अन्य प्रतिनिधियों के साथ हो रहे शोषण को रोका जाए।
अब देखना यह होगा की ज़िम्मेदार इस पूरे मामले पर क्या कुछ कदम उठाते है















