Singrauli News – गोरबी क्षेत्र में अवैध रेत-बोल्डर कारोबार को मिल रहा पुलिस संरक्षण, कारखास यादव बेखौफ कर रहा वसूली, कप्तान साहब स्थानीय लोग आक्रोशित
जिले के गोरबी चौकी अंतर्गत अवैध रेत और बोल्डर खनन का धंधा इन दिनों पूरे उफान पर है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है

By कार्यालय
सिंगरौली, मध्य प्रदेश — जिले के गोरबी चौकी अंतर्गत अवैध रेत और बोल्डर खनन का धंधा इन दिनों पूरे उफान पर है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब कुछ स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन न कोई कार्रवाई होती है, न रोकथाम के प्रयास।
कारखास यादव, जो क्षेत्र में लंबे समय से चर्चित नाम है,
खुलेआम अवैध खनन और रेत परिवहन का नेटवर्क चला रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गोरबी पुलिस की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार को सिंह साहब जैसे प्रभावशाली अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है।
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे गंभीर सवाल
गांववालों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि गोरबी क्षेत्र में रात-दिन भारी वाहन रेत और बोल्डर भरकर निकलते हैं, लेकिन पुलिस न तो चालान करती है, न वाहनों को रोकती है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे पुलिस को इस कारोबार की जानकारी न हो, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हों।
कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में नियमित रूप से “हिस्सेदारी” पहुंचाई जाती है
जिसकी वजह से खनन माफिया पूरी ताकत से सक्रिय हैं। प्राकृतिक आपदा की ओर बढ़ रहा गोरबी अवैध खनन से ओबी पहाड़ियों के किनारे का कटाव तेजी से बढ़ रहा है। इस कटाव से क्षेत्र में भू-क्षरण, पानी के स्रोतों का सूखना, और वन क्षेत्र के समाप्त होने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में क्षेत्र में पर्यावरणीय आपदा की स्थिति बन सकती है।
स्थानीय जनता त्रस्त, प्रशासन मूकदर्शक
गांववासियों का कहना है कि लगातार हो रहे इस अवैध खनन से उनका जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। धूल के गुबार से सांस लेने में तकलीफ हो रही है, सड़कें टूट चुकी हैं, और रात-दिन होने वाला ट्रकों का शोर मानसिक तनाव का कारण बन गया है।
एक ग्रामीण ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा:
“जब आम आदमी एक ट्रॉली बालू लाता है तो पुलिस उसका चालान कर देती है, लेकिन जब करीब 100 ट्रैक्टर टैक्टर रोज निकलते हैं तो सब कुछ ‘नियमित’ हो जाता है। यह कैसा न्याय है?”
प्रशासन से मांग: जांच हो, दोषियों पर हो कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर, एसपी और खनिज विभाग से मांग की है कि गोरबी क्षेत्र में हो रहे इस संगठित अवैध खनन की स्वतंत्र जांच करवाई जाए और जो भी पुलिसकर्मी या अधिकारी इसमें लिप्त पाए जाएं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।















