Singrauli News – सिंगरौली में नशे का कारोबार चरम पर, नवानगर बना हेरोइन का गढ़ – पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल”
एक तरफ सिंगरौली जिले की पुलिस प्रशासन शराब के अहातों को बंद कर शहरों और कस्बों को नशा मुक्त करने का प्रयास कर रही है

By कार्यालय बरगवां
सिंगरौली, मध्यप्रदेश। एक तरफ सिंगरौली जिले की पुलिस प्रशासन शराब के अहातों को बंद कर शहरों और कस्बों को नशा मुक्त करने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नज़र आ रही है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों, विशेषकर नवानगर थाना क्षेत्र में मादक द्रव्यों का अवैध कारोबार बेलगाम होता जा रहा है।
हेरोइन और गांजा की तस्करी अब आम बात हो चुकी है,
और इन नशीले पदार्थों का सबसे अधिक प्रभाव नवयुवाओं पर पड़ रहा है। चोरी, मारपीट और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही की एक चाकूबाज़ी की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया, जिसमें हेरोइन के नशे में धुत एक युवक ने अपने ही मित्र को पीठ और सीने पर चाकू मार दिया। घायल युवक का इलाज बनारस में चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना पाइप चोरी के पैसों के बंटवारे को लेकर हुई,
जिसमें दोनों युवक हेरोइन के नशे में थे। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नशे का जाल किस कदर गहराता जा रहा है। पुलिस की नाकामी भी साफ़ तौर पर सामने आ रही है। नवानगर क्षेत्र में भले ही कुछ बार हेरोइन की जब्ती की गई हो, लेकिन अब तक पुलिस मादक द्रव्यों के मुख्य सौदागरों और उनके नेटवर्क तक पहुंचने में पूरी तरह विफल रही है।
दिन-दहाड़े बिक रही अवैध शराब – पुलिस की मौन स्वीकृति?
- हेरोइन ही नहीं, नवानगर क्षेत्र में करीब एक दर्जन स्थानों पर अवैध शराब की खुलेआम बिक्री की जा रही है।
- सूत्र बताते हैं कि:
- अमझर मोड़, लोटस बैली पब्लिक स्कूल के सामने स्थित मुर्गा दुकान
- नंदगांव, किराना दुकान
- बसोर बस्ती में बैठाकर शराब पिलाने की ‘व्यवस्थित’ व्यवस्था
- अमलोरी महुआ मोड़, दसौती, भकुआर जैसे गांवों में पुलिस की छत्रछाया में यह कारोबार फल-फूल रहा है।
हर महीने बीट प्रभारी इन ठिकानों पर जाकर ‘सुविधा शुल्क’ लेकर लौट जाता है, ऐसा स्थानीय सूत्रों का दावा है।
आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल यदि यही स्थिति बनी रही, तो सिंगरौली की भावी पीढ़ी अंधकार की ओर बढ़ती जाएगी। नशा मुक्ति अभियान केवल कागजों पर चल रहा है, जबकि ज़मीनी स्तर पर पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से नशे का व्यापार फल-फूल रहा है।
संपादकीय
अब समय आ गया है कि सिंगरौली जिले में चल रहे इस नशे के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वरना आने वाले वर्षों में यह जिला नशे की दलदल में पूरी तरह डूब जाएगा, और उससे उबरना नामुमकिन हो जाएगा।















