रीवा में लाठीचार्ज पर भड़के सीएम मोहन यादव: कहा– “कलेक्टर जिला नहीं चला पा रहे, तो हटाना होगा”, खाद वितरण अव्यवस्था पर जताई कड़ी नाराज़गी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद वितरण में भारी अव्यवस्था और किसानों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

भोपाल/रीवा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाद वितरण में भारी अव्यवस्था और किसानों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मंगलवार को रीवा में किसानों के विरोध और पुलिस लाठीचार्ज की घटना पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि जो कलेक्टर जिले की व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, उन्हें हटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खाद वितरण और बाढ़ राहत की समीक्षा बैठक ली, जिसमें रीवा और सीधी जिलों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे। सीएम ने कहा, “खाद वितरण अगर सही नहीं हो रहा, तो इसका मतलब है कि कलेक्टर जिला नहीं चला पा रहे। अब हटाना होगा।”
रीवा में लाठीचार्ज की घटना ने सरकार को घेरा
मंगलवार रात रीवा के करहिया मंडी में खाद की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। कई किसान 24 से 48 घंटे तक लाइन में लगे रहे, लेकिन जब काउंटर अचानक बंद कर दिया गया, तो नाराजगी भड़क उठी। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हुए।
पुलिस का कहना है कि भीड़ को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया
रीवा-सीधी में हालात खराब, शाजापुर-जबलपुर में व्यवस्था बेहतर
बैठक में बताया गया कि शाजापुर, जबलपुर, दमोह और धार में खाद वितरण की व्यवस्था बेहतर है। इन जिलों में ऑनलाइन टोकन सिस्टम लागू किया गया है, जिससे किसानों को तय समय पर खाद मिल रही है। वहीं, रीवा और सीधी में व्यवस्था चरमराई हुई है, जिससे विवाद और हिंसा की नौबत आई।
कलेक्टर रीवा ने दी सफाई
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि जिले में पर्याप्त खाद का स्टॉक मौजूद है और वितरण की सख्त निगरानी की जा रही है। कृषि मंडियों में किसानों के लिए पानी, छाया और ORS पैकेट जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
सीएम का निर्देश: “हर किसान तक पहुंचे खाद, संवाद बनाए रखें”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाए और किसान संगठनों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। साथ ही बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए।
सतना में भी किसानों का गुस्सा फूटा
इधर, सतना में भी यूरिया की कमी से नाराज किसानों ने मंगलवार को एक ट्रक को रोक लिया और गोदाम के सामने प्रदर्शन किया। इससे कोठी रोड पर आधे घंटे तक ट्रैफिक बाधित रहा।
> मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: “किसानों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। जिन अफसरों की वजह से हालात बिगड़ रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”















