मध्य प्रदेशसिंगरौली

Singrauli News नगर परिषद बरगवां की लापरवाही: बांध किनारे खुले में कचरा फेंकने से बढ़ा स्वास्थ्य संकट

स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाते हुए नगर परिषद द्वारा बांध के किनारे खुले में कचरा डंप किया जा रहा

By सोनू विश्वकर्मा

सिंगरौली। नगर परिषद बरगवां की लापरवाही अब स्थानीय नागरिकों की सेहत और पर्यावरण दोनों पर भारी पड़ रही है। स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाते हुए नगर परिषद द्वारा बांध के किनारे खुले में कचरा डंप किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कचरे में घरेलू अपशिष्ट के साथ अस्पतालों से निकलने वाला खतरनाक बायो मेडिकल वेस्ट भी शामिल है।

खुले में पड़े इस कचरे को आवारा पशु खा रहे हैं, जिससे उनकी लगातार मौतें हो रही हैं। वहीं, चारों ओर फैली दुर्गंध, उड़ती गंदगी और बढ़ता प्रदूषण स्थानीय लोगों का जीना दूभर कर रहा है। नागरिकों का कहना है कि इस गंदगी से मच्छरों और कीटों की भरमार हो गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बांध के किनारे कचरा डालने से जलस्तर और भूजल दोनों प्रदूषित हो सकते हैं। इससे न केवल ग्रामीण और शहरी आबादी की सेहत पर असर पड़ेगा, बल्कि कृषि उत्पादकता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों के अनुसार, खुले में कचरा या बायो मेडिकल वेस्ट डालना कानूनी अपराध है और इसके निस्तारण के लिए वैज्ञानिक पद्धति का पालन अनिवार्य है। बावजूद इसके, नगर परिषद बरगवां इन नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब स्वच्छता पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो जमीनी हालात क्यों नहीं सुधर रहे? लोगों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद की यह लापरवाही अब केवल असावधानी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

यदि जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया, तो यह स्थिति जल्द ही स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती है।

इस संबंध में जब नगर परिषद बरगवां सी. एम. ओ. अंकित उक्के से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना उचित नहीं समझा। यह पहली बार नहीं है जब सीएमओ ने मीडिया के फोन नहीं उठाए हों। स्थानीयों का कहना है कि उनकी चुप्पी और निष्क्रियता से स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं सीएमओ की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, जिसके चलते संबंधित विभागों में कार्रवाई ठप पड़ी हुई है।

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लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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