पुलिसकर्मियों की निगरानी सूची तैयार: रीवा रेंज आईजी गौरव राजपूत बोले अब बचने का समय खत्म, सुधर जाएं वरना अंजाम तय”
आईजी ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि उन्हें अब विभाग के उन पुलिसकर्मियों की पहचान मिल गई है

By सोनू विश्वकर्मा
रीवा। रेंज में नशे और अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ के शुभारंभ के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत का सख्त और बेबाक रुख सामने आया। आईजी ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि उन्हें अब विभाग के उन पुलिसकर्मियों की पहचान मिल गई है जो वर्दी का दुरुपयोग करते हुए नशीले पदार्थों के अवैध व्यापारियों से सांठगांठ करने का प्रयास कर रहे हैं।
आईजी गौरव राजपूत ने कहा
मेरे पास उन पुलिसकर्मियों की सूची है, जो तालाब को गंदा करने वाली मछलियों की तरह हैं। ऐसे लोग न केवल खुद को बदनाम कर रहे हैं, बल्कि पूरी पुलिस व्यवस्था और वर्दी की प्रतिष्ठा को कलंकित कर रहे हैं। चार महीनों से हम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। सूची अब तैयार है।”
उन्होंने मंच से पुलिस बल को सीधी चेतावनी देते हुए कहा —
मैं इस सूची को सार्वजनिक नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे वर्दी की गरिमा आहत होगी। लेकिन यह ध्यान रखें, अब समय कम है। जो लोग खुद को सुधार सकते हैं, वे तुरंत सुधर जाएं। अन्यथा, 15 दिन बाद जो परिणाम होंगे, उसकी पूरी जिम्मेदारी वही लोग स्वयं उठाएंगे।”
खास बातें जो आईजी ने कही:
- नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पुलिसकर्मी चिन्हित
- सूची में हवलदार से लेकर कुछ थाना प्रभारियों तक के नाम शामिल
- अगले 15 दिन व्यवहार और कार्यशैली सुधारने का अंतिम मौका
- अभियान के बाद कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय
- समाज और वर्दी की छवि बचाना प्राथमिक लक्ष्य
आईजी ने कहा कि नशा समाज की जड़ें खोखली कर देता है और इस व्यापार को खत्म करने के लिए पुलिस बल को ईमानदारी, साहस और पारदर्शिता के साथ अभियान चलाना होगा। उन्होंने कहा नशा बेचने वाले अपराधी हैं, लेकिन उससे बड़ा अपराधी वह है जो कानून को बचाने का कर्तव्य रखते हुए भी अपराधियों से हाथ मिलाता है। ऐसे लोगों को विभाग में रहने का कोई अधिकार नहीं।”
ऑपरेशन प्रहार 2’ का उद्देश्य
नशे की आपूर्ति और वितरण नेटवर्क की जड़ तक कार्रवाई अवैध व्यापार में शामिल व्यक्तियों की आर्थिक और कानूनी जांच पुलिस विभाग के अंदरूनी भ्रष्ट तंत्र को खत्म करना समाज में नशा मुक्त जागरूकता अभियान















