Singrauli News – कलेक्टर के आदेश कचरे में, हिंडाल्को का कोयला परिवहन जारी, श्रद्धालु फंसे जाम मे
छठ पर्व पर भी जारी रहा कोयला परिवहन — प्रशासन की साख पर उठे सवाल, हादसे की आशंका से दहशत

By सोनू विश्वकर्मा
सिंगरौली आस्था और श्रद्धा के महापर्व छठ के दौरान जहाँ पूरा प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर चौकन्ना रहने का दावा करता रहा, वहीं हिंडाल्को कंपनी ने खुलेआम प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखा दिया।स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस पूरे प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन यदि वास्तव में सख्त होता तो एक भी ट्रक सड़कों पर नहीं दिखाई देता।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा पर्व के दौरान भारी वाहनों के आवागमन पर सख्त रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए थे, ताकि घाटों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। लेकिन, इसके बावजूद हिंडाल्को प्रबंधन के कोयला परिवहन वाहन दिनभर सड़कों पर फर्राटे भरते नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छठ के दिन सुबह से ही कंपनी के ट्रक और डंपर सड़कों पर कोयला ढोते दिखाई दिए। इससे न केवल घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही, बल्कि श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग वाहन जाम में फंसे रहे और हादसे की आशंका से लोग दहशत में रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के प्रभाव के आगे प्रशासन की सख्ती हमेशा फीकी पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि “जब प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि छठ पर्व के दौरान कोई भी भारी वाहन नहीं चलेगा, फिर भी हिंडाल्को के ट्रक धूल उड़ाते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं क्या यह प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना नहीं है?”
अब सवाल यह उठता है कि
👉 क्या प्रशासनिक आदेश केवल आम जनता के लिए हैं?
👉 क्या बड़ी कंपनियाँ नियम-कायदों से ऊपर हैं?
इस पूरे मामले पर जब देवसर एसडीएम अखिलेश सिंह से फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना उचित नहीं समझा।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस खुले उल्लंघन पर कब और क्या कार्रवाई करता है — या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा और सिंगरौली की सड़कों पर ऐसे ही प्रशासनिक आदेशों की धज्जियाँ उड़ती रहेंगी।















