Singrauli News : कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश अब हर सोमवार और गुरुवार को हल्का पटवारी रहेंगे अपने क्षेत्र में उपस्थित, मौके पर ही जनता और किसानों की समस्याओं का होगा समाधान
कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक अहम आदेश जारी किया है

By सोनू विश्वकर्मा
सिंगरौली, 28 अक्टूबर 2025। कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक अहम आदेश जारी किया है। नए निर्देशों के तहत जिले के सभी हल्का पटवारियों को अनिवार्य रूप से सप्ताह में दो दिन — सोमवार और गुरुवार — अपने-अपने हल्के में उपस्थित रहना होगा।
इस दौरान वे जनता से सीधे मिलकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करेंगे
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इन निर्धारित दिनों में पटवारी बटवारा, नामांतरण, सीमांकन, नक्शा तर्मीम, सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतें, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, ई-केवाईसी जैसे जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर हल करेंगे।
जिन पटवारियों के पास दो से अधिक हल्कों का प्रभार है, उनके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तीसरे दिन का शेड्यूल तय करेंगे, ताकि किसी भी हल्के की उपेक्षा न हो सके। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया है कि पटवारी एक दिन पूर्व चौपाल कार्यक्रम की सूचना व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार के माध्यम से ग्रामीणों को दें, ताकि अधिक से अधिक किसान और नागरिक उपस्थित होकर अपनी समस्याओं का समाधान मौके पर ही करा सकें। साथ ही, संबंधित सर्कल तहसीलदारों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि चौपाल में प्राप्त शिकायतों और मामलों के निराकरण की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपखंड अधिकारी (राजस्व) को सौंपी जाए।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने स्पष्ट कहा है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत बनाना है। इससे किसानों की ज़मीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में पारदर्शिता और गति दोनों आएगी।
मुख्य बिंदु:
- पटवारी हर सोमवार और गुरुवार को अपने हल्के में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
- किसानों से संबंधित सभी कार्य — नामांतरण, सीमांकन, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान आदि — मौके पर होंगे पूरे।
- दो से अधिक हल्कों का प्रभार होने पर तीसरे दिन का निर्धारण एसडीओ (राजस्व) करेंगे।
- चौपाल की पूर्व सूचना गांवों में प्रचारित की जाएगी।
- निराकरण प्रगति रिपोर्ट तहसीलदार के माध्यम से उपखंड अधिकारी को भेजी जाएगी।















