मध्य प्रदेशसिंगरौली

Singrauli News -सीएम साहब, डीजीपी साहब—देखिए जियावन थाना एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी की निगरानी में फल-फूल रही पशु तस्करी? थाना प्रभारी ट्रेनिंग में, तस्कर बेखौफ—‘जीरो टॉलरेंस’ पर बड़ा सवाल

क्या यह सब प्रशासनिक लापरवाही है या फिर संरक्षण का मामला?

Office Bargawan 

सिंगरौली | जियावन थाना क्षेत्र प्रदेश में मुख्यमंत्री और डीजीपी स्तर से लगातार “जीरो टॉलरेंस” की बात की जा रही है, लेकिन सिंगरौली जिले के जियावन थाना की ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नज़र आ रही है ग्रामीणों के अनुसार, जियावन थाना क्षेत्र में पशु तस्करी का नेटवर्क खुलेआम सक्रिय है।स्थानीय लोगों द्वारा भेजे गए वीडियो और तस्वीरों में तस्करों का बिल्कुल बेखौफ रवैया सामने आया है।

तस्करों का खुला दावा—‘जहाँ छापना है छाप दो’

ग्रामीणों का आरोप है कि जब तस्करी की गतिविधियों की फोटो-वीडियो बनाई गईं, तो तस्करों ने खुलेआम कहा— जो करना है कर लो, जहाँ छापना है छाप दो… हम किसी से नहीं डरते।” इतना ही नहीं, तस्करों द्वारा कथित रूप से यह भी कहा गया कि “गांधी छाप लाल-पीले नोटों का चढ़ावा हर महीने जियावन थाना के कारखासों को दिया जाता है।”ये आरोप बेहद गंभीर हैं और सीधे तौर पर थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं।

थाना प्रभारी ट्रेनिंग पर, तस्करी फुल स्पीड में

सूत्रों के मुताबिक, जियावन थाने की थाना प्रभारी साहिबा इन दिनों ट्रेनिंग पर मौजूद हैं,लेकिन इसके बावजूद तस्करी का नेटवर्क पूरी रफ्तार से सक्रिय थाने के कारखास और कर्मचारी नियंत्रण में नाकाम ग्रामीण पूछ रहे हैं— जब थाना प्रभारी ट्रेनिंग में हैं, तो तस्करों पर लगाम कौन कस रहा है?”

एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी की भूमिका पर सवाल

यह पूरा थाना क्षेत्र देवसर एसडीओपी के अंतर्गत आता है।
ऐसे में गायत्री तिवारी की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि

लगातार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं
तस्करों में किसी प्रकार का डर नहीं
क्या यह सब प्रशासनिक लापरवाही है या फिर संरक्षण का मामला?

‘जीरो टॉलरेंस’ भाषणों में, जियावन थाने में तस्करों का राज? स्थानीय लोगों का कहना है कि नीतियाँ कागज़ों में सख़्त हैं,
लेकिन जियावन थाने में नियमों की नहीं, तस्करों की चल रही है।आदेश ऊपर बनते हैं, नीचे पहुँचते-पहुँचते दम तोड़ देते हैं।” ग्रामीण

सीएम और डीजीपी से सीधी मांग

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से मांग की है कि जियावन थाना क्षेत्र में उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए तस्वीरों की फॉरेंसिक जांच हो तस्करों के कथित बयानों की गहन पड़ताल की जाए
दोषी पाए जाने पर थाना प्रभारी, कारखास और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि जीरो टॉलरेंस सिर्फ नारा नहीं, ज़मीनी हकीकत बने।

GSK NEWS

लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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