गूंज सिंगरौली की शिकायत के बाद बढ़ी हलचल: महावीर कोल वॉशरी पर गंभीर आरोप, सीएम और डीजीपी तक पहुंचा मामला, गोरबी चौकी प्रभारी पर लटक सकती है बड़ी कार्यवाही
जिले के गोरबी चौकी क्षेत्र में संचालित महावीर कोल वॉशरी को लेकर लगे गंभीर आरोप अब प्रदेश स्तर तक पहुंच चुके हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, महावीर कोल वॉशरी में स्टीम कोयले में निम्न गुणवत्ता वाला कोयला और भस्सी मिलाकर सप्लाई किए जाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। आरोप है कि इस कथित मिक्सिंग के जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता हो रही है, जिससे लाखों रुपये के अवैध लेन-देन की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह गतिविधि खुलेआम संचालित होने की चर्चा क्षेत्र में आम है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है।
गोरबी चौकी की भूमिका पर सवाल
सूत्रों का दावा है कि पूरे मामले की जानकारी गोरबी चौकी को होने के बावजूद जांच को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया गया। न तो किसी प्रकार की बड़ी कानूनी कार्रवाई की पुष्टि हुई है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी पर जवाबदेही तय की गई है।
अब जब मामला सीधे सीएम और डीजीपी कार्यालय तक पहुंच चुका है, तो स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय होने की संभावना जताई जा रही है।
“ऊपर तक पकड़” की चर्चाएं
इलाके में यह भी चर्चा है कि वॉशरी संचालकों की “ऊपर तक पकड़” होने के कारण हर बार मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यदि इन चर्चाओं में सच्चाई का अंश भी है, तो यह मामला केवल एक वॉशरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करेगा।
अब उठ रहे हैं बड़े सवाल
- जब आरोप इतने गंभीर हैं तो जांच में देरी क्यों?
- यदि आरोप गलत हैं, तो स्पष्ट जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?
- यदि आरोप सही हैं, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब?
- क्या सीएम और डीजीपी के निर्देश जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हो पा रहे?
हो सकती है उच्च स्तरीय जांच















