सिंगरौली

SINGRAULI NEWS:महान नदी की तबाही: SGL कंपनी का अवैध रेत खनन, पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर संकट

सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में स्थित जियावन गाँव के पास बहने वाली महान नदी इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है।

सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में स्थित जियावन गाँव के पास बहने वाली महान नदी इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है। सहकार ग्लोबल कंपनी (SGL), जो इस क्षेत्र में रेत खनन का काम कर रही है, पर आरोप है कि वह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रही है। कंपनी ने महान नदी के बीचों-बीच, जहाँ पानी की धारा बहती है, वहाँ बड़ी-बड़ी मशीनें जैसे पोकलैंड, JCB और लिफ्टर तैनात कर दी हैं। इन मशीनों के जरिए दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, जिससे नदी का प्राकृतिक ढाँचा और उसका गर्भ पूरी तरह तबाह हो रहा है।

इस अंधाधुंध खनन का असर नदी में रहने वाले जीव-जंतुओं पर भी पड़ रहा है। नदी के किनारे और पानी में रहने वाले कछुए, जल सर्प, जल मुर्गियाँ, सारस, गल्लर, पड़की जैसे पक्षी और मछलियाँ, झींगे तक इन भारी मशीनों की गड़गड़ाहट और उनके संचालन से मारे जा रहे हैं। ये मशीनें न सिर्फ रेत निकाल रही हैं, बल्कि नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को भी बर्बाद कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नदी में जीवन था, लेकिन अब यह मृतप्राय होती जा रही है।

खनन का दूसरा बड़ा प्रभाव नदी के जल प्रवाह पर पड़ रहा है। महान नदी का पानी, जो आसपास के गाँवों के लिए जीवन रेखा है, अब रुकने लगा है। नदी किनारे बसे गाँवों में कुएँ, तालाब, पोखर, हैंडपंप और नलकूप जैसे जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। पानी की कमी से खेती और रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। लोग चिंतित हैं कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में पीने के पानी का भी संकट खड़ा हो सकता है।

इतना ही नहीं, जियावन खदान में ओवरलोडिंग का खेल भी जोरों पर है। रेत से भरे ट्रक और डंपर निर्धारित क्षमता से कहीं ज्यादा माल लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह न सिर्फ सड़कों को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ा रहा है। हैरानी की बात यह है कि माइनिंग विभाग और स्थानीय पुलिस की नजर इन ओवरलोड वाहनों पर नहीं पड़ रही। सूत्रों का दावा है कि यह सब अधिकारियों और कंपनी के बीच कथित साँठ-गाँठ के चलते हो रहा है। बताया जा रहा है कि रेत से भरे इन वाहनों को हरी झंडी देने के लिए रिश्वत का लेन-देन भी हो रहा है, जिसके कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि SGL कंपनी अपनी लीज की सीमा से बाहर जाकर अवैध तरीके से रेत का खनन कर रही है। लीज के दायरे से परे नदी के उन हिस्सों में भी मशीनें चलाई जा रही हैं, जहाँ खनन की अनुमति नहीं है। यह अवैध गतिविधि नदी के पर्यावरण को और ज्यादा नुकसान पहुँचा रही है और स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ा रही है।

कुल मिलाकर, जियावन में महान नदी के साथ हो रहा यह खिलवाड़ न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि यहाँ के लोगों की आजीविका और जीवन पर भी संकट बन रहा है। सवाल यह है कि आखिर कब तक यह लूट चलेगी और जिम्मेदार अधिकारी कब अपनी नींद से जागेंगे?

GSK NEWS

लाले विश्वकर्मा, "गूँज सिंगरौली की" डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *