Singrauli News – सिंगरौली में कबाड़ माफिया का साम्राज्य: MP-UP बॉर्डर से निगाही तक फैला चोरी का नेटवर्क, NCL को हो रहा करोड़ों का नुकसान
मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश (MP-UP) बॉर्डर पर खनहना से आगे तक कबाड़ के धंधे की आड़ में चोरी और संगठित अपराध का एक बड़ा रैकेट वर्षों से सक्रिय है

By Office Bargawan
सिंगरौली। मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश (MP-UP) बॉर्डर पर खनहना से आगे तक कबाड़ के धंधे की आड़ में चोरी और संगठित अपराध का एक बड़ा रैकेट वर्षों से सक्रिय है। इस नेटवर्क का सरगना उत्तरप्रदेश का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कबाड़ व्यापारी बताया जा रहा है, जो थाना पुलिस और कुछ स्थानीय नेताओं से मिलीभगत कर बेखौफ अपना साम्राज्य चला रहा है।
रात के अंधेरे में चोरी का माल पार
सूत्र बताते हैं कि सरगना का एक भाई निगाही क्षेत्र में कबाड़ की दुकान चलाता है। यही दुकान NCL से चोरी हुए कीमती सामान की ढाल बनी हुई है। दिन में यहां सिर्फ कूड़ा-कचरा दिखता है, लेकिन रात ढलते ही चोरी का माल ट्रकों में लादकर उत्तरप्रदेश भेजा जाता है। प्रतिदिन 2 से 3 ट्रक भरकर लाखों का सामान बॉर्डर पार करता है। यह सब इतनी सटीक योजना के साथ किया जाता है कि जांच एजेंसियों को हाथ भी नहीं लगता।
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‘मिश्रा गैंग’ का पूरा खेल
एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया कि इस अवैध कारोबार की कमान ‘मिश्रा गैंग’ के पास है। दोनों भाई न केवल चोरी के कबाड़ का धंधा चलाते हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी लिप्त हैं। सवाल यह है कि सिंगरौली जैसे संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्र में, बाहर से आए अपराधियों को इतना बड़ा नेटवर्क चलाने की खुली छूट कौन दे रहा है?
NCL के भीतर भी सेंध
NCL (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के कुछ अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि चोरी रोकने में उन्हें पूरा सहयोग नहीं मिलता। कई बार संदेह रहता है कि कुछ कर्मचारी, ठेकेदार और स्थानीय दलाल भी इस रैकेट से जुड़े हैं। यही कारण है कि NCL में हुई कई बड़ी चोरियों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया।
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पुलिस पर उठ रहे सवाल
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मिश्रा गैंग को पुलिस से सीधा या परोक्ष सहयोग मिलता है। जब भी छापेमारी की संभावना बनती है, पहले से सूचना पहुंचा दी जाती है। इसके अलावा राजनीतिक संरक्षण भी इस नेटवर्क को बचाने की सबसे बड़ी ढाल बना हुआ है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम लोग भय में जी रहे हैं।
अपराध का असर आम जनता पर
निगाही क्षेत्र में लगातार चोरी और असामाजिक गतिविधियों के कारण आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। रात में लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बस्तियों में छोटे-मोटे अपराध, चोरी और लूट की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
जनता और बुद्धिजीवियों की सख्त मांग
क्षेत्र के बुद्धिजीवी और सामाजिक संगठन मांग कर रहे हैं कि इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक और CSP को संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। केवल कागजी कार्रवाई और औपचारिक जांच से न तो NCL को बचाया जा सकता है और न ही इस गैंग को रोका जा सकता है। लोगों का कहना है कि MP-UP बॉर्डर से लेकर सिंगरौली तक फैले इस माफिया तंत्र को तोड़ने के लिए तेज़, गुप्त और लगातार छापेमारी ज़रूरी है, भले ही इसमें कितने भी प्रभावशाली लोग क्यों न शामिल हों।















